सूरह 85 · जुज़ 30
Al-Buruj · 85:21
بَلْ هُوَ قُرْآنٌ مَجِيدٌ
बल्कि, वह गौरव वाला क़ुर्आन है।
तफ़सीर
क़ुरआन कोई काव्य या तुकबंदी नहीं है, जैसा कि झुठलाने वालों का दावा है, बल्कि वह गौरव वाला क़ुरआन हा।
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सूरह 85 · जुज़ 30
بَلْ هُوَ قُرْآنٌ مَجِيدٌ
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