सूरह 68 · जुज़ 29
Al-Qalam · 68:18
وَلَا يَسْتَثْنُونَ
और इन् शा अल्लाह (यदि अल्लाह ने चाहा) नहीं कहा।
तफ़सीर
और उन्होंने 'इन शा अल्लाह' (अगर अल्लाह ने चाहा) कहकर अपनी क़्सम में कोई अपवाद नहीं किया।
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सूरह 68 · जुज़ 29
وَلَا يَسْتَثْنُونَ
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