सूरह 53 · जुज़ 27
An-Najm · 53:3
وَمَا يَنْطِقُ عَنِ الْهَوَىٰ
और वह नहीं बोलते अपनी इच्छा से।
तफ़सीर
और वह इस क़ुरआन को अपनी इच्छा से नहीं बोलते हैं।
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सूरह 53 · जुज़ 27
وَمَا يَنْطِقُ عَنِ الْهَوَىٰ
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