सूरह 53 · जुज़ 27
An-Najm · 53:2
مَا ضَلَّ صَاحِبُكُمْ وَمَا غَوَىٰ
नहीं कुपथ हुआ है तुम्हारा साथी और न कुमार्ग हुआ है।
तफ़सीर
मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम न हिदायत के रास्ते से भठके हैं और न टेढ़ी राह पर चले हैं, बल्कि वह सीधे रास्ते पर क़ायम हैं।
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