सूरह 53 · जुज़ 27
An-Najm · 53:4
إِنْ هُوَ إِلَّا وَحْيٌ يُوحَىٰ
वह तो बस वह़्यी (प्रकाशना) है। जो (उनकी ओर) की जाती है।
तफ़सीर
यह क़ुरआन तो केवल वह़्य (प्रकाशना) है, जिसे अल्लाह जिबरील अलैहिस्सलाम के माध्यम से आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर उतारता है।
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