सूरह 40 · जुज़ 24
Ghafir · 40:66
۞ قُلْ إِنِّي نُهِيتُ أَنْ أَعْبُدَ الَّذِينَ تَدْعُونَ مِنْ دُونِ اللَّهِ لَمَّا جَاءَنِيَ الْبَيِّنَاتُ مِنْ رَبِّي وَأُمِرْتُ أَنْ أُسْلِمَ لِرَبِّ الْعَالَمِينَ
आप कह दें: निश्चय मुझे रोक दिया गया है कि इबादत करूँ उनकी, जिन्हें तुम पुकारते हो अल्लाह के सिवा, जब आ गये मेरे पास खुले प्रमाण तथा मुझे आदेश दिया गया है कि मैं सर्वलोक के पालनहार का आज्ञाकारी रहूँ।
तफ़सीर
(ऐ रसूल) आप कह देंः निश्चय मुझे मेरे अल्लाह ने इस बात से मना किया है कि उन मूर्तियों की वंदना करूँ, जिनकी वंदना में तुम लगे हो, जो न नुकसान पहुँचा सकती हैं न लाभ, जबकि मेरे पास इस बात के प्रमाण आ चुके हैं कि उनकी वंदना ग़लत है। और अल्लाह ने मुझे आदेश दिया है कि मैं इबादत के माध्यम से केवल उसीके आगे झुकूँ, क्योंकि वही सारी सृष्टियों का पालनहार है। उनका उसके सिवा कोई पालनहार नहीं है।
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