सूरह 40 · जुज़ 24

Ghafir · 40:65

هُوَ الْحَيُّ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ فَادْعُوهُ مُخْلِصِينَ لَهُ الدِّينَ ۗ الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ

वह जीवित है, कोई ( सच्चा) वंदनीय नहीं है, उसके सिवा। अतः, विशेष रूप से उसकी इबादत करते हुए उसी को पुकारो। सब प्रशंसा सर्वलोक के पालनहार, अल्लाह के लिए हैं।

तफ़सीर

वह जीवित है, जो मरेगा नहीं। उसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं। अतः, उसी को, उसकी प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए, पुकारो; इबादत के रूप में भी और फ़रियाद के तौर भी। उसके साथ किसी मखलूक़ को शरीक न करो। सारी प्रशंसा उस अल्लाह की है, जो सारी सृष्टियों का पालनहार है।

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