सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:2
فَالزَّاجِرَاتِ زَجْرًا
फिर झिड़कियाँ देने वालों की!
तफ़सीर
और मैं उन फ़रिश्तों की क़सम खाता हूँ, जो बादलों को डाँटते हैं और उन्हें हाँक कर वहाँ ले जाते हैं, जहाँ अल्लाह उन्हें बरसाना चाहाता है।
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