सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:3
فَالتَّالِيَاتِ ذِكْرًا
फिर स्मरण करके पढ़ने वालों[1] की!
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1. यह तीनों गुण फ़रिश्तों के हैं जो आकाशों में अल्लाह की इबादत के लिये पंक्तिवध्द रहते तथा बादलों को हाँकते और अल्लाह के स्मरण जैसे क़ुर्आन तथा नमाज़ पढ़ने और उस की पवित्रता का गान करने इत्यादि में लगे रहते हैं।
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1. यह तीनों गुण फ़रिश्तों के हैं जो आकाशों में अल्लाह की इबादत के लिये पंक्तिवध्द रहते तथा बादलों को हाँकते और अल्लाह के स्मरण जैसे क़ुर्आन तथा नमाज़ पढ़ने और उस की पवित्रता का गान करने इत्यादि में लगे रहते हैं।
तफ़सीर
तथा मैं उन फ़रिश्तों की क़सम खाता हूँ, जो अल्लाह की वाणी की तिलावत करते हैं।
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