सूरह 34 · जुज़ 22
Saba · 34:20
وَلَقَدْ صَدَّقَ عَلَيْهِمْ إِبْلِيسُ ظَنَّهُ فَاتَّبَعُوهُ إِلَّا فَرِيقًا مِنَ الْمُؤْمِنِينَ
तथा सच कर दिया इब्लीस ने उनपर अपना अंकलन।[1] तो उन्होंने अनुसरण किया उसका एक समुदाय को छोड़कर ईमान वालों के।
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1. अर्थात यह अनुमान कि वह आदम के पुत्रों को कुपथ करेगा। (देखियेः सूरह आराफ़, आयतः16, तथा सूरह साद, आयतः82)
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1. अर्थात यह अनुमान कि वह आदम के पुत्रों को कुपथ करेगा। (देखियेः सूरह आराफ़, आयतः16, तथा सूरह साद, आयतः82)
तफ़सीर
इबलीस ने जो गुमान व्यक्त किया था कि वह उन्हें बहका सकता है और उन्हें सत्य से गुमराह कर सकता है, वह उसने सच कर दिखया। चुनाँचे वे कुफ़्र और गुमराही में उसके पीछे चलने लगे, सिवाय ईमान वालों के एक समूह के। क्योंकि उन्होंने उसका पालन न करके उसे निराश कर दिया।
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