सूरह 31 · जुज़ 21
Luqman · 31:28
مَا خَلْقُكُمْ وَلَا بَعْثُكُمْ إِلَّا كَنَفْسٍ وَاحِدَةٍ ۗ إِنَّ اللَّهَ سَمِيعٌ بَصِيرٌ
और तुम्हें उत्पन्न करना और पुनः जीवित करना केवल एक प्राण के समान[1] है। निःसंदेह, अल्लाह सब कुछ सुनने-जानने वाला है।
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1. अर्थात प्रलय के दिन अपनी शक्ति तथा सामर्थ्य से सब को एक प्राणी के पैदा करने तथा जीवित करने के समान पुनः जीवित कर देगा।
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1. अर्थात प्रलय के दिन अपनी शक्ति तथा सामर्थ्य से सब को एक प्राणी के पैदा करने तथा जीवित करने के समान पुनः जीवित कर देगा।
तफ़सीर
(ऐ लोगो) तुम्हें पैदा करना और क़ियामत के दिन हिसाब और बदला के लिए पुनर्जीवित करना ऐसे ही आसान है, जैसे एक जीव को पैदा करना और मरणोपरांत उसे पुनर्जीवित करके उठाना आसान है। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ सुनने वाला है, एक आवाज़ का सुनना उसे दूसरी आवाज़ के सुनने से ग़ाफ़िल नहीं करता है। वह सब कुछ देखने वाला है, एक चीज़ का देखना उसे दूसरी चीज़ को देखने से ग़ाफ़िल नहीं करता है। बिलकुल इसी तरह एक प्राणी को पैदा करना या उसे मरणोपरांत पुनर्जीवित करना उसे दूसरे प्राणी को पैदा करने और उसे मरणोपरांत पुनर्जीवित करने से ग़ाफ़िल नहीं करता है।
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