सूरह 30 · जुज़ 21
Ar-Rum · 30:40
اللَّهُ الَّذِي خَلَقَكُمْ ثُمَّ رَزَقَكُمْ ثُمَّ يُمِيتُكُمْ ثُمَّ يُحْيِيكُمْ ۖ هَلْ مِنْ شُرَكَائِكُمْ مَنْ يَفْعَلُ مِنْ ذَٰلِكُمْ مِنْ شَيْءٍ ۚ سُبْحَانَهُ وَتَعَالَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ
अल्लाह ही है, जिसने उत्पन्न किया है तुम्हें, फिर तुम्हें जीविका प्रदान की, फिर तुम्हें मारेगा, फिर जीवित करेगा, तो क्या तुम्हारे साझियों में से कोई है, जो इसमें से कुछ कर सके? वह पवित्र है और उच्च है, उनके साझी बनाने से।
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1. इस में फिर एकेश्वरवाद का वर्णन तथा शिर्क का खण्डन किया है।
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1. इस में फिर एकेश्वरवाद का वर्णन तथा शिर्क का खण्डन किया है।
तफ़सीर
केवल अल्लाह ही वह हस्ती है, जो तुम्हें पैदा करने, फिर तुम्हें रोज़ी देने, फिर तुम्हें मारने, फिर तुम्हें क़ियामत के दिन के लिए जीवित करने में अकेला है। क्या तुम्हारी उन मूर्तियाँ में से, जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पूजते हो, कोई ऐसा है, जो इनमें से कोई काम कर सके?! अल्लाह की हस्ती उससे बहुत पवित्र और सर्वोच्च है, जो मुश्रिक लोग कहते और विश्वास रखते हैं।
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