सूरह 30 · जुज़ 21
Ar-Rum · 30:41
ظَهَرَ الْفَسَادُ فِي الْبَرِّ وَالْبَحْرِ بِمَا كَسَبَتْ أَيْدِي النَّاسِ لِيُذِيقَهُمْ بَعْضَ الَّذِي عَمِلُوا لَعَلَّهُمْ يَرْجِعُونَ
फैल गया उपद्रव जल तथा[1] थल में लोगों के करतूतों के कारण, ताकि वह चखाये उन्हें उनका कुछ कर्म, संभवतः वे रूक जायें।
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2. आयत में बताया गया है कि इस विश्व में जो उपद्रव तथा अत्याचार हो रहा है यह सब शिर्क के कारण हो रहा है। जब लोगों ने एकेश्वाद को छोड़ कर शिर्क अपना लिया तो अत्याचार और उपद्रव होने लगा। क्यों कि न एक अल्लाह का भय रह गया और न उस के नियमों का पालन।
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2. आयत में बताया गया है कि इस विश्व में जो उपद्रव तथा अत्याचार हो रहा है यह सब शिर्क के कारण हो रहा है। जब लोगों ने एकेश्वाद को छोड़ कर शिर्क अपना लिया तो अत्याचार और उपद्रव होने लगा। क्यों कि न एक अल्लाह का भय रह गया और न उस के नियमों का पालन।
तफ़सीर
लोगों के किए हुए पापों के कारण, जल और थल में बिगाड़ फैल गया, जैसे सूखा, वर्षा की कमी, तथा बीमारियों और महामारियों की बहुतायत। ऐसा इसलिए प्रकट हुआ ताकि अल्लाह उन्हें उनके कुछ बुरे कर्मों का बदला दुनिया के जीवन ही में चखा दे, इस आशा में कि वे तौबा करके अल्लाह की ओर लौट आएँ।
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