सूरह 11 · जुज़ 12

Hud · 11:6

۞ وَمَا مِنْ دَابَّةٍ فِي الْأَرْضِ إِلَّا عَلَى اللَّهِ رِزْقُهَا وَيَعْلَمُ مُسْتَقَرَّهَا وَمُسْتَوْدَعَهَا ۚ كُلٌّ فِي كِتَابٍ مُبِينٍ

और धरती में कोई चलने वाला नहीं है, परन्तु उसकी जीविका अल्लाह के ऊपर है तथा वह उसके स्थायी स्थान तथा सौंपने के स्थान को जानता है। सबकुछ एक खुली पुस्तक में अंकित है[1]।
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1. अर्थात अल्लाह, प्रत्येक व्यक्ति की जीवन-मरण आदि की सब दशाओं से अवगत है।

तफ़सीर

धरती पर चलने वाला जो भी प्राणी है, अल्लाह ने अपनी कृपा से उसकी आजीविका की ज़िम्मेदारी ले रखी है। अल्लाह महिमावान धरती पर उसके बसने के स्थान को जानता है, तथा वह उस स्थान का भी ज्ञान रखता है, जहाँ उसकी मृत्यु आनी है। इस तरह, सभी प्राणी और उनकी आजीविका और उनके ठहरने की जगहें और उनकी मृत्यु के स्थान, एक स्पष्ट पुस्तक अर्थात 'लौह़े मह़फ़ूज़' (संरक्षित पट्टिका) में अंकित हैं।

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