सूरह 11 · जुज़ 12

Hud · 11:7

وَهُوَ الَّذِي خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ فِي سِتَّةِ أَيَّامٍ وَكَانَ عَرْشُهُ عَلَى الْمَاءِ لِيَبْلُوَكُمْ أَيُّكُمْ أَحْسَنُ عَمَلًا ۗ وَلَئِنْ قُلْتَ إِنَّكُمْ مَبْعُوثُونَ مِنْ بَعْدِ الْمَوْتِ لَيَقُولَنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا إِنْ هَٰذَا إِلَّا سِحْرٌ مُبِينٌ

और वही है, जिसने आकाशों तथा धरती की उत्पत्ति छः दिनों में की। उस समय उसका सिंहासन जल पर था, ताकि तुम्हारी परीक्षा ले कि तुममें किसका कर्म सबसे उत्तम है। और (हे नबी!) यदि आप, उनसे कहें कि वास्तव में तुम सभी मरण के पश्चात् पुनः जीवित किये जाओगे, तो जो काफ़िर हो गये, अवश्य कह देंगे कि ये तो केवल खुला जादू है।

तफ़सीर

वही महिमावान अल्लाह है, जिसने विशाल आकाशों तथा विस्तृत धरती को और उनमें पाई जाने वाली सारी वस्तुओं को छ: दिनों में पैदा किया। और उनकी रचना से पूर्व उसका सिंहासन पानी पर था। ताकि (ऐ लोगो!) वह तुम्हारा परीक्षण करे कि तुम में से कौन अल्लाह को प्रसन्न करने वाला सबसे अच्छा काम करता है, तथा तुम में से कौन उसे क्रोधित करने वाला सबसे बुरा काम करता है। फिर वह हर एक को वह बदला दे, जिसका वह हक़दार है। तथा (ऐ नबी!) यदि आप कहें : (ऐ लोगो!) तुम अपनी मृत्यु के बाद हिसाब-किताब के लिए पुनः जीवित किए जाओगे, तो निश्चय ही अल्लाह के साथ कुफ़्र करने वाले और मरणोपरांत पुनर्जीवन का इनकार करने वाले कहेंगे : आप जिस क़ुरआन को पढ़ते हैं, वह स्पष्ट जादू के अलावा कुछ नहीं है। अतः वह स्पष्ट रूप से असत्य है।

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