सूरह 101 · जुज़ 30
Al-Qari'ah · 101:4
يَوْمَ يَكُونُ النَّاسُ كَالْفَرَاشِ الْمَبْثُوثِ
जिस दिन लोग, बिखरे पतिंगों के समान (व्याकूल) होंगे।
तफ़सीर
जिस दिन लोगों के दिल झंझोड़ दिए जाएँगे, तो वे इधर-उधर बिखरे हुए पतिंगों की तरह हो जाएँगे।
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