सूरह 101 · जुज़ 30

Al-Qari'ah · 101:3

وَمَا أَدْرَاكَ مَا الْقَارِعَةُ

और तुम क्या जानो कि वह खड़खड़ा देने वाली क्या है?[1]
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1. 'क़ारिअह' प्रलय ही का एक नाम है जो उस के समय की घोर दशा का चित्रण करता है। इस का शाब्दिक अर्थ द्वार खटखटाना है। जब कोई अतिथि अकस्मात रात में आता है तो उसे दरवाज़ा खटखटाने की आवश्यकता होती है। जिस से एक तो यह ज्ञात हुआ कि प्रलय अकस्मात होगी। और दूसरा यह ज्ञात हुआ कि वह कड़ी ध्वनि और भारी उथल पुथल के साथ आयेगी। इसे प्रश्नवाचक वाक्यों में दोहराना सावधान करने और उस की गंभीरता को प्रस्तुत करने के लिये है।

तफ़सीर

और (ऐ रसूल) आपको क्या पता कि वह कौन-सी घड़ी है, जो अपनी भयावहता के कारण लोगों के दिलों को झंझोड़ देगी?! निश्चय वह क़ियामत का दिन है।

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