الهندية

سورة الحشر · 59:5

مَا قَطَعْتُمْ مِنْ لِينَةٍ أَوْ تَرَكْتُمُوهَا قَائِمَةً عَلَىٰ أُصُولِهَا فَبِإِذْنِ اللَّهِ وَلِيُخْزِيَ الْفَاسِقِينَ

(हे मुसलमानो!) तुमने नहीं काटा[1] कोई खजूर का वृक्ष और न छोड़ा उसे खड़ा अपने तने पर, परन्तु ये सब अल्लाह के आदेश से हुआ और ताकि वह अपमानित करे पथभ्रष्टों को।
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1. बनी नज़ीर के घेराव के समय नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के आदेशानुसार उन के खजूरों के कुछ वृक्ष जला दिये गये और काट दिये गये और कुछ छोड़ दिये गये। ताकि शत्रु की आड़ को समाप्त किया जाये। इस आयत में उसी का वर्णन किया गया है। (सह़ीह़ बुख़ारीः 4884)
الهندية - سورة الحشر 59:5 · Tlawati