सूरह 97 · जुज़ 30

Laylat al-Qadr · Al-Qadr 97:1

إِنَّا أَنْزَلْنَاهُ فِي لَيْلَةِ الْقَدْرِ

निःसंदेह, हमने उस (क़ुर्आन) को 'लैलतुल क़द्र' (सम्मानित रात्रि) में उतारा।

तफ़सीर

हमने क़ुरआन को एकबारगी दुनिया के आकाश (निचले आकाश) पर रमज़ान के महीने में क़द्र की रात में अवतरित किया, इसी तरह उसे नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतारने की शुरूआत भी इसी रात में की।

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