सूरह 92 · जुज़ 30

Al-Layl · 92:2

وَالنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ

तथा दिन की शपथ, जब उजाला हो जाये!

तफ़सीर

और दिन की क़सम खाई है, जब वह प्रकट होकर प्रकाशमान हो जाए।

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