सूरह 92 · जुज़ 30
Al-Layl · 92:1
وَاللَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰ
रात्रि की शपथ, जब छा जाये!
तफ़सीर
अल्लाह ने रात की क़सम खाई है, जब वह आसमान और ज़मीन के बीच को अपने अंधेरे के साथ ढाँप ले।
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सूरह 92 · जुज़ 30
وَاللَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰ
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