सूरह 91 · जुज़ 30
Ash-Shams · 91:5
وَالسَّمَاءِ وَمَا بَنَاهَا
और आकाश की सौगन्ध तथा उसकी जिसने उसे बनाया!
तफ़सीर
और आकाश की क़सम खाई है तथा उसके मज़बूत निर्माण की क़सम खाई है।
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सूरह 91 · जुज़ 30
وَالسَّمَاءِ وَمَا بَنَاهَا
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