सूरह 91 · जुज़ 30
Ash-Shams · 91:4
وَاللَّيْلِ إِذَا يَغْشَاهَا
और रात्रि की सौगन्ध, जब उसे (सूर्य को) छुपा ले!
तफ़सीर
और रात की क़सम खाई है, जब वह धरती के चेहरे को ढक ले और अंधेरी हो जाए।
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सूरह 91 · जुज़ 30
وَاللَّيْلِ إِذَا يَغْشَاهَا
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