सूरह 85 · जुज़ 30

Al-Buruj · 85:2

وَالْيَوْمِ الْمَوْعُودِ

शपश है उस दिन की, जिसका वचन दिया गया!

तफ़सीर

और क़ियामत के दिन की क़सम खाई है, जिसमें उसने सभी प्राणियों को इकट्ठा करने का वादा किया है।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें