सूरह 82 · जुज़ 30

Al-Infitar · 82:5

عَلِمَتْ نَفْسٌ مَا قَدَّمَتْ وَأَخَّرَتْ

तब प्रत्येक प्राणी को ज्ञान हो जायेगा, जो उसने किया है और नहीं किया है।[1]
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1. (1-5) इन में प्रलय के दिन आकाश ग्रहों तथा धरती और समाधियों पर जो दशा गुज़रेगी उस का चित्रण किया गया है। तथा चेतावनी दी गई है कि सब के कर्तूत उस के सामने आ जायेंगे।

तफ़सीर

उस समय हर प्राणी जान लेगा, जो काम उसने किया है और जो काम उसने विलंबित कर दिया और उसे नहीं किया।

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