सूरह 82 · जुज़ 30
Al-Infitar · 82:4
وَإِذَا الْقُبُورُ بُعْثِرَتْ
और जब समाधियाँ (क़बरें) खोल दी जायेंगी।
तफ़सीर
और जब क़ब्रों की मिट्टी को पलट दिया जाएगा, ताकि उनमें मौजूद मुर्दों को पुनर्जीवित किया जाए।
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सूरह 82 · जुज़ 30
وَإِذَا الْقُبُورُ بُعْثِرَتْ
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