सूरह 82 · जुज़ 30

Al-Infitar · 82:2

وَإِذَا الْكَوَاكِبُ انْتَثَرَتْ

तथा जब तारे झड़ जायेंगे।

तफ़सीर

और जब तारे झड़कर बिखर जाएँगे।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें