सूरह 82 · जुज़ 30
Al-Infitar · 82:1
إِذَا السَّمَاءُ انْفَطَرَتْ
जब आकाश फट जायेगा।
तफ़सीर
जब आकाश फट जाएगा, ताकि उससे फ़रिश्ते उतर सकें।
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सूरह 82 · जुज़ 30
إِذَا السَّمَاءُ انْفَطَرَتْ
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