सूरह 80 · जुज़ 30

Abasa · 80:16

كِرَامٍ بَرَرَةٍ

जो सम्मानित और आदरणीय हैं।[1]
____________________
1. (11-16) इन में क़ुर्आन की महानता को बताया गया है कि यह एक स्मृति (याद दहानी) है। किसी पर थोपने के लिये नहीं आया है। बल्कि वह तो फ़रिश्तों के हाथों में स्वर्ग में एक पवित्र शास्त्र के अन्दर सूरक्षित है। और वहीं से वह (क़ुर्आन) इस संसार में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर उतारा जा रहा है।

तफ़सीर

जो अपने पालनहार के निकट सम्माननीय, तथा बहुत ज़्यादा भलाई और नेकियाँ करने वाले हैं।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें