सूरह 80 · जुज़ 30
Abasa · 80:15
بِأَيْدِي سَفَرَةٍ
ऐसे लेखकों (फ़रिश्तों) के हाथों में है।
तफ़सीर
वे (सहीफ़े) संदेशवाहक-फ़रिश्तों के हाथों में हैं।
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सूरह 80 · जुज़ 30
بِأَيْدِي سَفَرَةٍ
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