सूरह 8 · जुज़ 10
Al-Anfal · 8:48
وَإِذْ زَيَّنَ لَهُمُ الشَّيْطَانُ أَعْمَالَهُمْ وَقَالَ لَا غَالِبَ لَكُمُ الْيَوْمَ مِنَ النَّاسِ وَإِنِّي جَارٌ لَكُمْ ۖ فَلَمَّا تَرَاءَتِ الْفِئَتَانِ نَكَصَ عَلَىٰ عَقِبَيْهِ وَقَالَ إِنِّي بَرِيءٌ مِنْكُمْ إِنِّي أَرَىٰ مَا لَا تَرَوْنَ إِنِّي أَخَافُ اللَّهَ ۚ وَاللَّهُ شَدِيدُ الْعِقَابِ
जब शैतान[1] ने उनके लिए उनके कुकर्मों को शोभनीय बना दिया था और उस (शैतान) ने कहाः आज तुमपर कोई प्रभुत्व नहीं पा सकता और मैं तुम्हारा सहायक हूँ। फिर जब दोनों सेनायें सम्मुख हो गईं, तो अपनी एड़ियों के बल फिर गया और कह दिया कि मैं तुमसे अलग हूँ। मैं जो देख रहा हूँ, तुम नहीं देखते। वास्तव में, मैं अल्लाह से डर रहा हूँ और अल्लाह कड़ी यातना देने वाला है।
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1. बद्र के युध्द में शैतान भी अपनी सेना के साथ सुराक़ा बिन मालिक के रूप में आया था। परन्तु जब फ़रिश्तों को देखा तो भाग गया। (इब्ने कसीर)
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1. बद्र के युध्द में शैतान भी अपनी सेना के साथ सुराक़ा बिन मालिक के रूप में आया था। परन्तु जब फ़रिश्तों को देखा तो भाग गया। (इब्ने कसीर)
तफ़सीर
(ऐ ईमान वालो!) अपने ऊपर अल्लाह की नेमत को याद करो कि शैतान ने बहुदेववादियों के लिए उनके कर्म सुंदर बना दिए। इस तरह उसने उन्हें मुसलमानों का सामना करने और उनसे लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया और उनसे कहा : आज तुमपर कोई विजय पाने वाला नहीं, निश्चय मैं तुम्हारी सहायता करूँगा और तुम्हारे शत्रुओं से तुम्हारी रक्षा करूँगा। फिर जब दोनों गिरोह आमने-सामने हुए : एक तरफ़ ईमान वालों का गिरोह, जिनके साथ उनकी मदद के लिए फ़रिश्ते थे, और दूसरी तरफ़ बहुदेववादियों का गिरोह, जिनके साथ शैतान था, जो शीघ्र ही उनका साथ छोड़ने वाला था; ऐसी परिस्थिति में शैतान पीठ फेरकर भाग खड़ा हुआ और बहुदेववादियों से कहा : मैं तुमसे बरी हूँ। मैं उन फ़रिश्तों को देख रहा हूँ, जो मोमिनों की सहायता के लिए आए हैं। मुझे डर है कि कहीं अल्लाह मुझे नष्ट न कर दे, और अल्लाह बहुत कठोर सज़ा देने वाला है। इसलिए कोई भी उसकी सज़ा सहन करने में सक्षम नहीं है।
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