सूरह 8 · जुज़ 10
Al-Anfal · 8:47
وَلَا تَكُونُوا كَالَّذِينَ خَرَجُوا مِنْ دِيَارِهِمْ بَطَرًا وَرِئَاءَ النَّاسِ وَيَصُدُّونَ عَنْ سَبِيلِ اللَّهِ ۚ وَاللَّهُ بِمَا يَعْمَلُونَ مُحِيطٌ
और उन[1] के समान न हो जाओ, जो अपने घरों से इतराते हुए तथा लोगों को दिखाते हुए निकले और वे अल्लाह की राह (इस्लाम) से लोगों को रोकते हैं और अल्लाह उनके कर्मों को (अपने ज्ञान के) घेरे में लिए हुए है।
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1. इस से अभिप्राय मक्का की सेना है, जिस को अबू जह्ल लाया था।
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1. इस से अभिप्राय मक्का की सेना है, जिस को अबू जह्ल लाया था।
तफ़सीर
और उन मुश्रिकों के समान न हो जाओ, जो मक्का से घमंड करते हुए तथा लोगों को दिखावा करते हुए निकले। तथा वे लोगों को अल्लाह के धर्म (इस्लाम) से दूर करते और उन्हें उसमें प्रवेश करने से रोकते हैं। हालाँकि जो कुछ वे करते हैं, अल्लाह उसे (अपने ज्ञान के) घेरे में लिए हुए है। उनके कामों में से कुछ भी उससे छिपा नहीं है, और वह उन्हें उनका बदला देगा।
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