सूरह 78 · जुज़ 30

An-Naba · 78:30

فَذُوقُوا فَلَنْ نَزِيدَكُمْ إِلَّا عَذَابًا

तो चखो, हम तुम्हारी यातना अधिक ही करते रहेंगे।[1]
____________________
1. (21-30) इन आयतों में बताया गया है कि जो ह़िसाब की आशा नहीं रखते और हमारी आयतों को नहीं मानते हम ने उन के एक एक कर्तूत को गिन कर अपने यहाँ लिख रखा है। और उन की ख़बर लेने के लिये नरक घात लगाये तैयार है, जहाँ उन के कुकर्मों का भरपूर बदला दिया जायेगा।

तफ़सीर

अब (ऐ सरकशो) तुम इस स्थायी यातना का मज़ा चखो। हम तुम्हारे लिए यातना पर यातना ही बढ़ाते रहेंगे।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें