सूरह 78 · जुज़ 30
An-Naba · 78:27
إِنَّهُمْ كَانُوا لَا يَرْجُونَ حِسَابًا
निःसंदेह वे ह़िसाब की आशा नहीं रखते थे।
तफ़सीर
निश्चय वे दुनिया में इस बात से नहीं डरते थे कि अल्लाह आख़िरत में उनका हिसाब लेगा। क्योंकि वे मरणोपरांत दोबारा जीवित होने में विश्वास नहीं करते थे। अगर वे दोबारा ज़िंदा होने का भय रखते, तो अल्लाह पर अवश्य ईमान लाते और अच्छे कार्य करते।
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