सूरह 78 · जुज़ 30
An-Naba · 78:19
وَفُتِحَتِ السَّمَاءُ فَكَانَتْ أَبْوَابًا
और आकाश खोल दिया जायेगा, तो उसमें द्वार ही द्वार हो जायेंगे।
तफ़सीर
और आकाश को खोल दिया जाएगा, तो उसमें खुले दरवाज़ों की तरह छेद और दरारें हो जाएँगी।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें