सूरह 78 · जुज़ 30
An-Naba · 78:15
لِنُخْرِجَ بِهِ حَبًّا وَنَبَاتًا
ताकि उससे अन्न और वनस्पति उपजायें।
तफ़सीर
ताकि हम उसके द्वारा विभिन्न प्रकार के अन्न और नाना प्रकार की वनस्पतियाँ उगाएँ।
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सूरह 78 · जुज़ 30
لِنُخْرِجَ بِهِ حَبًّا وَنَبَاتًا
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