सूरह 74 · जुज़ 29
Al-Muddaththir · 74:33
وَاللَّيْلِ إِذْ أَدْبَرَ
तथा रात्रि की, जब व्यतीत होने लगे!
तफ़सीर
और रात की क़सम खाई है, जब वह जाने लगे।
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सूरह 74 · जुज़ 29
وَاللَّيْلِ إِذْ أَدْبَرَ
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