सूरह 72 · जुज़ 29

Al-Jinn · 72:13

وَأَنَّا لَمَّا سَمِعْنَا الْهُدَىٰ آمَنَّا بِهِ ۖ فَمَنْ يُؤْمِنْ بِرَبِّهِ فَلَا يَخَافُ بَخْسًا وَلَا رَهَقًا

तथा जब हमने सुनी मार्गदर्शन की बात, तो उसपर ईमान ले आये, अब जो भी ईमान लायेगा अपने पालनहार पर, तो नहीं भय होगा उसे अधिकार हनन का और न किसी अत्याचार का।

तफ़सीर

जब हमने वह क़ुरआन सुना, जो सबसे सही रास्ते का मार्गदर्शन करता है, तो हम उसपर ईमान ले आए। अतः जो कोई अपने पालनहार पर ईमान लाएगा, उसे न अपनी नेकियों में कमी किए जाने का भय होगा और न उसके पिछले पापों में वृद्धि का।

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