सूरह 72 · जुज़ 29
Al-Jinn · 72:12
وَأَنَّا ظَنَنَّا أَنْ لَنْ نُعْجِزَ اللَّهَ فِي الْأَرْضِ وَلَنْ نُعْجِزَهُ هَرَبًا
तथा हमें विश्वास हो गया है कि हम कदापि विवश नहीं कर सकते अल्लाह को धरती में और न विवश कर सकते हैं उसे भागकर।
तफ़सीर
हमें विश्वास हो गया है कि अगर अल्लाह हमसे कुछ चाहता है, तो हम उसके क़ाबू से बाहर नहीं जा सकते और न ही हम उससे भागकर निकल सकते हैं, क्योंकि उसने हमें घेर रखा है।
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