सूरह 7 · जुज़ 9
Al-A'raf · 7:186
مَنْ يُضْلِلِ اللَّهُ فَلَا هَادِيَ لَهُ ۚ وَيَذَرُهُمْ فِي طُغْيَانِهِمْ يَعْمَهُونَ
जिसे अल्लाह कुपथ कर दे, उसका कोई पथपर्दर्शक नहीं और उन्हें उनके कुकर्मों में बहकते हुए छोड़ देता है।
तफ़सीर
जिसे अल्लाह सत्य की ओर हिदायत से विफल कर दे और उसे सीधे रास्ते से भटका दे, तो उसके लिए कोई मार्गदर्शक नहीं है, जो उसकी ओर उसका मार्गदर्शन कर सके।और अल्लाह उन्हें उनकी गुमराही और कुफ़्र में छोड़ देता है कि वे भटकते फिरते हैं, उन्हें कोई रास्ता सुझाई नहीं देता।
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