सूरह 68 · जुज़ 29
Al-Qalam · 68:48
فَاصْبِرْ لِحُكْمِ رَبِّكَ وَلَا تَكُنْ كَصَاحِبِ الْحُوتِ إِذْ نَادَىٰ وَهُوَ مَكْظُومٌ
तो आप धैर्य रखें अपने पालनहार के निर्णय तक और न हो जायें मछली वाले के समान।[1] जब उसने पुकारा और वह शोकपूर्ण था।
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1. इस से अभिप्राय यूनुस (अलैहिस्सलाम) हैं जिन को मछली ने निगल लिया था। (देखियेः सूरह साफ़्फ़ात, आयतः139)
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1. इस से अभिप्राय यूनुस (अलैहिस्सलाम) हैं जिन को मछली ने निगल लिया था। (देखियेः सूरह साफ़्फ़ात, आयतः139)
तफ़सीर
अतः (ऐ रसूल) आपके पालनहार ने उन्हें मोहलत देकर ढील देने का जो निर्णय किया है, उसके लिए धैर्य से काम लें और अपने समुदाय से ऊबने में मछली वाले नबी यूनुस अलैहिस्सलाम की तरह न हो जाएँ; जब उन्होंने अपने पालनहार को इस दशा में पुकार कि वह समुद्र के अंधेरे और मछली के पेट के अंधेरे में व्यथित थे।
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