सूरह 68 · जुज़ 29
Al-Qalam · 68:31
قَالُوا يَا وَيْلَنَا إِنَّا كُنَّا طَاغِينَ
कहने लगेः हाय अफ़्सोस! हम ही विद्रोही थे।
तफ़सीर
उन्होंने पछतावे से कहा : हाय हमारी क्षति! निश्चय हम ही ग़रीबों के हक़ को रोकने की योजना बनाकर हद से बढ़ गए थे।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें