सूरह 68 · जुज़ 29

Al-Qalam · 68:24

أَنْ لَا يَدْخُلَنَّهَا الْيَوْمَ عَلَيْكُمْ مِسْكِينٌ

कि कदापि न आने पाये उस (बाग़) के भीतर आज तुम्हारे पास कोई निर्धन।[1]
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1. ताकि उन्हें कुछ दान न करना पड़े।

तफ़सीर

वे आपस में कह रहे थे : आज बाग़ में तुम्हारे पास कोई ग़रीब हरगिज़ न पहुँचने पाए।

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