सूरह 67 · जुज़ 29
Al-Mulk · 67:19
أَوَلَمْ يَرَوْا إِلَى الطَّيْرِ فَوْقَهُمْ صَافَّاتٍ وَيَقْبِضْنَ ۚ مَا يُمْسِكُهُنَّ إِلَّا الرَّحْمَٰنُ ۚ إِنَّهُ بِكُلِّ شَيْءٍ بَصِيرٌ
क्या उन्होंने नहीं देखा पक्षियों की ओर अपने ऊपर पंख फैलाते तथा सिकोड़ते। उन को अत्यंत कृपाशील ही थामता है। निसंदेह वह प्रत्येक वस्तु को देख रहा है।
तफ़सीर
क्या इन झुठलाने वालों ने अपने ऊपर पक्षियों को उड़ते नहीं देखा, जो कभी हवा में अपने पंख फैलाते हैं और कभी उन्हें समेट लेते हैं। उन्हें ज़मीन पर गिरने से अल्लाह के अलावा कोई नहीं रोकता है। निश्चय वह हर चीज़ को देखने वाला है, उससे कोई भी चीज़ छिपी नहीं है।
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