सूरह 67 · जुज़ 29
Al-Mulk · 67:12
إِنَّ الَّذِينَ يَخْشَوْنَ رَبَّهُمْ بِالْغَيْبِ لَهُمْ مَغْفِرَةٌ وَأَجْرٌ كَبِيرٌ
निःसंदेह जो डरते हों अपने पालनहार से बिन देखे उन्हीं के लिए क्षमा है तथा बड़ा प्रतिफल है।[1]
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1. ह़दीस में है कि मैं ने अपने सदाचारी भक्तों के लिये ऐसी चीज़ तैयार की है जिसे न किसी आँख ने देखा, न किसी कान ने सुना और न किसी दिल ने सोचा। (सह़ीह़ बुख़ारीः 3244, सह़ीह़ मुस्लिमः 2824)
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1. ह़दीस में है कि मैं ने अपने सदाचारी भक्तों के लिये ऐसी चीज़ तैयार की है जिसे न किसी आँख ने देखा, न किसी कान ने सुना और न किसी दिल ने सोचा। (सह़ीह़ बुख़ारीः 3244, सह़ीह़ मुस्लिमः 2824)
तफ़सीर
निश्चय जो लोग अपने एकांत में अल्लाह से डरते हैं, उनके पापों के लिए क्षमा है और उनके लिए एक महान पुण्य है और वह जन्नत है।
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