सूरह 65 · जुज़ 28
At-Talaq · 65:8
وَكَأَيِّنْ مِنْ قَرْيَةٍ عَتَتْ عَنْ أَمْرِ رَبِّهَا وَرُسُلِهِ فَحَاسَبْنَاهَا حِسَابًا شَدِيدًا وَعَذَّبْنَاهَا عَذَابًا نُكْرًا
कितनी बस्तियाँ[1] थीं जिनके वासियों ने अवज्ञा की अपने पालनहार और उसके रसूलों के आदेश की, तो हमने ह़िसाब ले लिया उनका कड़ा ह़िसाब और उन्हें यातना दी बुरी यातना।
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1. यहाँ से अल्लाह की अवैज्ञा के दुष्परिणाम से सावधान किया जा रहा है।
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1. यहाँ से अल्लाह की अवैज्ञा के दुष्परिणाम से सावधान किया जा रहा है।
तफ़सीर
कितनी ही बस्तियाँ ऐसी हैं कि जब उन्होंने अपने पालनहार के आदेश की तथा उसके रसूलों अलैहिमुस्सलाम के आदेश की अवहेलना की, तो हमने उनके बुरे कर्मों का बड़ा सख्त हिसाब लिया और उन्हें दुनिया एवं आख़िरत में भयानक सज़ा दी।
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