सूरह 6 · जुज़ 7
Al-An'am · 6:78
فَلَمَّا رَأَى الشَّمْسَ بَازِغَةً قَالَ هَٰذَا رَبِّي هَٰذَا أَكْبَرُ ۖ فَلَمَّا أَفَلَتْ قَالَ يَا قَوْمِ إِنِّي بَرِيءٌ مِمَّا تُشْرِكُونَ
फिर जब (प्रातः) सूर्य को चमकते देखा, तो कहाः ये मेरा पालनहार है। ये सबसे बड़ा है। फिर जब वह भी डूब गया, तो उसने कहाः हे मेरी जाति के लोगो! निःसंदेह मैं उससे विरक्त हूँ, जिसे तुम (अल्लाह का) साझी बनाते हो।
तफ़सीर
जब उन्होंने सूरज को उगते हुए देखा, तो कहा : यह उगने वाला (सूरज) मेरा रब है। यह उगने वाला, तारे और चाँद से बड़ा है। लेकिन जब वह भी ग़ायब हो गया, तो कहने लगे : ऐ मेरी जाति के लोगो! मैं उससे बरी हूँ, जो तुम अल्लाह के साथ शरीक ठहराते हो।
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