सूरह 6 · जुज़ 7
Al-An'am · 6:64
قُلِ اللَّهُ يُنَجِّيكُمْ مِنْهَا وَمِنْ كُلِّ كَرْبٍ ثُمَّ أَنْتُمْ تُشْرِكُونَ
आप कह दें कि अल्लाह ही उससे तथा प्रत्येक आपदा से तुम्हें बचाता है। फिर भी तुम उसका साझी बनाते हो!
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) इनसे कह दें : अल्लाह ही है जो तुम्हें उससे बचाता है, तथा तुम्हें हर संकट से छुटकारा देता है। फिर तुम उसके उपरांत (भी) समृद्धि के समय उसके साथ दूसरों को साझी बनाते हो। तो जो तुम कर रहे हो उससे बड़ा अत्याचार (अन्याय) क्या है?!
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें