सूरह 6 · जुज़ 7
Al-An'am · 6:61
وَهُوَ الْقَاهِرُ فَوْقَ عِبَادِهِ ۖ وَيُرْسِلُ عَلَيْكُمْ حَفَظَةً حَتَّىٰ إِذَا جَاءَ أَحَدَكُمُ الْمَوْتُ تَوَفَّتْهُ رُسُلُنَا وَهُمْ لَا يُفَرِّطُونَ
तथा वही है, जो अपने सेवकों पर पूरा अधिकार रखता है और तुमपर रक्षकों[1] को भेजता है। यहाँ तक कि जब तुममें से किसी के मरण का समय आ जाता है, तो हमारे फ़रिश्ते उसका प्राण ग्रहण कर लेते हैं और वह तनिक भी आलस्य नहीं करते।
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1. अर्थात फ़रिश्तों को तुम्हारे कर्म लिखने के लिये।
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1. अर्थात फ़रिश्तों को तुम्हारे कर्म लिखने के लिये।
तफ़सीर
अल्लाह अपने बंदों पर ग़ालिब (हावी); उन्हें अपने अधीन रखने वाला है, हर प्रकार से उनसे ऊपर है। हर चीज़ उसके अधीनस्थ है। वह अपनी महिमा के योग्य अपने बंदों के ऊपर है। और (ऐ लोगो!) वह तुमपर सम्मानित फरिश्तों को भेजता है, जो तुम्हारे कामों को गिनकर रखते हैं यहाँ तक कि तुममें से किसी की अवधि, मृत्यु के फरिश्ते और उसके सहायकों द्वारा उसकी रूह़ क़ब्ज़ कर लेने के साथ समाप्त हो जाएगी। और वे उस काम में कोताही नहीं करते हैं जो उन्हें करने का आदेश दिया गया है।
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