सूरह 6 · जुज़ 7
Al-An'am · 6:2
هُوَ الَّذِي خَلَقَكُمْ مِنْ طِينٍ ثُمَّ قَضَىٰ أَجَلًا ۖ وَأَجَلٌ مُسَمًّى عِنْدَهُ ۖ ثُمَّ أَنْتُمْ تَمْتَرُونَ
वही है, जिसने तुम्हें मिट्टी से उत्पन्न[1] किया, फिर (तुम्हारे जीवन की) अवधि निर्धारित कर दी और एक निर्धारित अवधि (प्रलय का समय) उसके पास[2] है, फिर भी तुम संदेह करते हो।
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1. अर्थात तुम्हारे पिता आदम अलैहिस्सलाम को। 2. दो अवधि, एक जीवन और कर्म के लिये, तथा दूसरी कर्मों के फल के लिये।
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1. अर्थात तुम्हारे पिता आदम अलैहिस्सलाम को। 2. दो अवधि, एक जीवन और कर्म के लिये, तथा दूसरी कर्मों के फल के लिये।
तफ़सीर
वही महिमावान है, जिसने - ऐ लोगो! - तुम्हें मिट्टी से पैदा किया, जब उसने तुम्हारे पिता आदम अलैहिस्सलाम की रचना मिट्टी से की। फिर उसने तुम्हारे इस दुनिया के जीवन में रहने के लिए एक अवधि निर्धारित की। तथा उसने एक और अवधि क़ियामत के दिन तुम्हें पुनर्जीवित करने के लिए निर्धारित की, जिसे केवल वही जानता है। फिर भी तुम उस महिमावान् के पुनर्जीवित करने की क्षमता पर संदेह करते हो।
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